भगवन श्री राम प्रसाद जी महराज वर्तमान के वर्धमान थे। जैन जैनेतर सम्प्रदायों ने उन्हें वर्तमान का श्रुत केवली माना है। 14 भाषाओ के प्रकाण्ड पाण्डित्य से विद्व्द सभा में सम्मान्य&व्यक्तित्व। नम्रता&सादगी एवं सयंम तप में परिनिष्ठित जीवन। अतिशय&लब्धि] सिद्धि के भंडार] मुस्कराहट में बसा वसंत] भक्त गण की पीड़ा शांत करने वाला मुस्कराता चेहरा। भगतों की 36 कौम की अनंत आस्था में विधमान ब्रह्म स्वरूप। वेद वेदांत&गीता&कुरान एवं पुराण] उपनिषदों के साथ जैन आगम] बौद्ध बाईबल] इंजिल] अवेस्ता] भाषा] व्याकरण] न्याय एवं शब्द विज्ञान के बृहस्पति। आस्था में बसा अनंत] हर जीवन में वसंत&सा उत्फुल्ल हर्ष पैदा करता है। अपनी मृत्यु की समय एवं तिथि की 10 दिन पहले सटीक घोषणा कर के तपलीन हैं। संलेखना&संथारा कर 18 जुलाई 2007 सायं 9 बजे देवलोक प्रयाण कर गए। विदा में उमड़ा लाखों भक्तों का अश्रुपूरित जन सैलाब। आस्था का क्षीर सागर लहराने लगा। आज भी आस्था में विधमान है।
पढिये] जानिऐ&जुड़िये और प्राप्त कीजिए। अनंत आशीर्वाद कृपा।



भगवन श्री राम प्रसाद जी महाराज

भगवन श्री राम प्रसाद जी महराज वर्तमान के वर्धमान थे। जैन जैनेतर सम्प्रदायों ने उन्हें वर्तमान का श्रुत केवली माना है। 14 भाषाओ के प्रकाण्ड पाण्डित्य से विद्व्द सभा में सम्मान्य&व्यक्तित्व। नम्रता&सादगी एवं सयंम तप में परिनिष्ठित जीवन। अतिशय&लब्धि] सिद्धि के भंडार] मुस्कराहट में बसा वसंत] भक्त गण की पीड़ा शांत करने वाला मुस्कराता चेहरा। भगतों की 36 कौम की अनंत आस्था में विधमान ब्रह्म स्वरूप। वेद वेदांत&गीता&कुरान एवं पुराण] उपनिषदों के साथ जैन आगम] बौद्ध बाईबल] इंजिल] अवेस्ता] भाषा] व्याकरण] न्याय एवं शब्द विज्ञान के बृहस्पति। आस्था में बसा अनंत] हर जीवन में वसंत&सा उत्फुल्ल हर्ष पैदा करता है। अपनी मृत्यु की समय एवं तिथि की 10 दिन पहले सटीक घोषणा कर के तपलीन हैं। संलेखना&संथारा कर 18 जुलाई 2007 सायं 9 बजे देवलोक प्रयाण कर गए। विदा में उमड़ा लाखों भक्तों का अश्रुपूरित जन सैलाब। आस्था का क्षीर सागर लहराने लगा। आज भी आस्था में विधमान है।
पढिये] जानिऐ&जुड़िये और प्राप्त कीजिए। अनंत आशीर्वाद कृपा।
अतिशय-सौभाग्य स्मारक स्थल
ब्रहम वर्चस्वी] महामनस्वी] भारतीय मनीषा के मेरुतुंग] भगवन श्री राम प्रसाद जी महाराज का अतिशय सौभाग्य स्मारक स्थल] टी-पी-एस- पब्लिक स्कूल] वजीरपुरा रोड] गोहाना में विधमान अतिशय शोभायमान श्रदा भरा है। भक्तों का प्रयाग] हरिद्धार] कांशी] शिखर जी] पालीताणा] महावीर जी] मक्का] वेटिकन सिटी एवं बौद्ध गया सा श्रदा स्थल है। लाखों भक्तों का सैलाब] मन वांछित अभीष्ट प्राप्ति हेतु इस तीर्थ की यात्रा करता है। अपुत्र की गोद में खिलता है पुत्र कमल। निर्धन के घर इठलाती है लक्ष्मी माँ। मूढ़ मति बनता है बृहस्पति। तिलक करती है सरस्वती। भूत&प्रेत] मारी] माहमारी होती है] शांत। सहज] होता है] बीमार] लड़खड़ाता व्यापार। कुबेर की वैश्रमण की कृपा से होता है सम्पूर्ण। भक्त की हर ईच्छा को होता है यश स्तिलक। यदा कदा दुग्ध धवल सर्प देव करने] आते हैं परिक्रमा। परिक्रमा एवं आस्था गुनगुना उठती है। प्रतिदिन जाप करें।
Þॐ नमो भगवते श्री राम प्रसादायß ये जाप बन गया मंत्रो का सरताज।


आर्य वज्र स्वाध्याय संघ
हमारा आर्य वज्र स्वाध्याय संघ ¼रजि०½ भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त है] जिसमे दिया गया दान 80जी के अंतर्गत कर मुक्त है। पैतृक संस्थान आर्य वज्र स्वाध्याय संघ के अंतर्गत] टी0 पी0 एस0 पब्लिक स्कूल] गुरु मदन आई सेन्टर] भगवन श्री अतिशय सौभाग्य स्मारक स्थल। भगवन श्री राम प्रसाद] जैन गौ सेवा सदन। निःशुल्क भोजनशाला दान द्वारा संचालित है। वृद्ध श्रेष्ठि सेवा ग्राम एवं सुदर्शन सुन्दर समवशरणम ¼वृद्ध साधु साध्वी हेतु½ आनंद पक्षी निलयम। गुरु सुदर्शन&सुन्दर डायग्नोस्टिक सेंटर] जैन त्रिवेणी हेल्थ केयर सेंटर। प्रस्तावित है तपोधनी कुष्ठ सेवा निलयम। सभी संस्थाएं दानवीर सज्जनों के उदात्त&उदार&सहयोग से संचालित हैं। परिश्रम पसीने व्यापार एवं सर्विस से अर्जित धन] सरकार को टैक्स देने से एक नम्बर व वाइट मनी हो जाता है। ऐसे ही दान देने से वही धन भविष्य निधि परलोक में] सुख] स्वास्थ्य] समृद्धि] सौभाग्य का कारण बनता है। दानवीर को सदा आदरणीय वचन एवं समृद्ध भरा कुल] प्राप्त होता है। आप ऑनलाइन दान करके निचे दिए मोबाइल नंबर पर उसकी बैंक रसीद अवश्य डालें।
